समाधान खोजना है तो, मुस्कुराना शिखो।

जय श्रीमन्नारायण किसीसे उम्मीद किए बिना उसका अच्छा करो, क्योंकि किसी ने कहा है कि, जो लोग फूल बेचते हैं, उनके हाथों में अक्सर ख़ुशबू रह जाती है।ईमानदारी एक महँगा शौक़ है जनाब, जो हर किसी के बस का नहीं है।

मौसम बदल रहा है। अपना ख़्याल रखना दोस्तों क्योंकि, बदलता मौसम और बदलते लोग बहुत तकलीफ़ देते हैं।

अकेले ही सफ़र करना पड़ता हैं इस जहां में कामयाबी के लिए, क्योंकि काफिला, और दुश्मन, यह सब अक्सर कामयाबी के बाद ही बनते है।

जब नासमझ थे तो ख्वाब हमारी मुट्ठी में बंद थे। समझ आयी तो ख्वाबों ने हमें मुट्ठी में बंद कर लिया।

तनाव से केवल समस्याएँ जन्म ले सकती हैं। समाधान खोजना है तो, मुस्कुराना ही पड़ेगा।

धोका ऐसे ही नहीं मिलता, भला करना पड़ता है लोगों का।
श्री मदजगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री अवधेश प्रपन्नाचार्य महाराज जी दिल्ली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *